फीस, रैंकिंग, एक्रीडिटेशन, एडमिशन की जानकारी साइट पर देनी अनिवार्य यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से कहा, 11 विषयों की जानकारी सार्वजनिक करनी जरूरी अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। अब कोई भी उच्च शिक्षण संस्थान फीस, रैंकिंग, एक्रीडिटेशन, एडमिशन, प्रोस्पेक्टस, रिसर्च, पेटेंट, विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों से समझौते और शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता के नाम पर धोखा नहीं दे सकेंगे। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को यह सब जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को इस संबंध में पत्र लिखा है। विश्वविद्यालयों को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 11 विषयों की जानकारी सार्वजनिक करनी जरूरी है। इसमें शिक्षकों के फोटो UNIVERSITY GRANTE सहित उनके डिपार्टमेंट की जानकारी भी अपलोड करनी पड़ेगी। दरअसल, यूजीसी ने पिछले साल अभिभावकों, छात्रों, रिसर्च, विशेषज्ञों, पूर्व छात्र, आम लोगों समेत अन्य हितधारकों से उच्च शिक्षा में बदलाव को लेकर बुनियादी जानकारी मांगी थी। इसमें ...
अब नेट स्कोर से मिलेगा पीएचडी में दाखिला यूजीसी ने नियमों में किया बदलाव : अलग-अलग विवि की नहीं देनी होगी परीक्षा नई दिल्ली। पीएचडी कार्यक्रम में दाखिले के लिए अब उम्मीदवारों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के स्कोर के आधार पर पीएचडी में भी दाखिला मिलेगा। नेट क्वालिफाइड जून, 2024 से अब तीन श्रेणियों के लिए योग्य होंगे। यूजीसी काउंसिल की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत पीएचडी दाखिले के लिए नए नियमों को मंजूरी दी गई है। ब्यूरो नए नियमों के तहत नेट पर्सेटाइल के आधार पर तीन श्रेणियों में लाभ मिलेगा। जिन उम्मीदवारों का नेट पसेंटाइल अधिक होगा, वे श्रेणी-1 में होंगे। ये जेआरएफ, सहायक प्रोफेसर के साथ पीएचडी दाखिले व फेलोशिप के लिए भी योग्य होंगे। इन्हें पीएचडी में दाखिले के लिए इंटरव्यू देना होगा, तीन श्रेणियों में लाभ यूजीसी रेगुलेशन-2022 के आधार पर होगा। श्रेणी-2 में मध्यम पसेंटाइल वाले सहायक प्रोफेसर और पीएचडी दाखिले के लिए योग्य माने जाएंगे। इनके बाद सफल, लेकिन सबसे कम पसेंटाइल वाले उम्...