मुक्त व्यापार समझौते: दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौता (South Asia Free Trade Agreement-SAFTA) जैसे कुछ प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों ने बांग्लादेश जैसे देश को भारत के साथ प्रतिस्पर्द्धा करने में सहायता प्रदान की है, जिन्हें भारतीय बाज़ार तक पहुँच के लिये शून्य शुल्क देना होता है। सरकार को इस तरह के समझौते पर फिर से विचार करना चाहिये और समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिये। सब्सिडी के वितरण में देरी: उद्योग संचालन को आधुनिक बनाने में मदद करने के लिये प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (Technology Upgradation Fund Scheme-TUFS) के तहत सब्सिडी के वितरण में तेज़ी लानी चाहिये। कर संरचना के मुद्दे: जटिल वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service tax) संरचना घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में वस्त्रों को महँगा और अप्रभावी बना देता है। पुरातन तकनीक: भारतीय वस्त्र उद्योग की नवीनतम प्रौद्योगिकी (विशेष रूप से छोटे उद्योगों में) तक पहुँच की सीमाएँ हैं और प्रतिस्पर्धी बाज़ार में वैश्विक मानकों को पूरा करने में विफलताएँ हैं। स्थिर निर्यात: वस्त्र उद्योग का निर्यात पिछले छह वर्षों से 40 अरब डॉलर के स्तर...