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Showing posts from July, 2020

वस्त्र उद्योग और आत्मनिर्भर भारतटैग्स: सामान्य अध्ययन-IIIऔद्योगिक विकासऔद्योगिक नीति

मुक्त व्यापार समझौते: दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौता (South Asia Free Trade Agreement-SAFTA) जैसे कुछ प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों ने बांग्लादेश जैसे देश को भारत के साथ प्रतिस्पर्द्धा करने में सहायता प्रदान की है, जिन्हें भारतीय बाज़ार तक पहुँच के लिये शून्य शुल्क देना होता है। सरकार को इस तरह के समझौते पर फिर से विचार करना चाहिये और समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिये।  सब्सिडी के वितरण में देरी: उद्योग संचालन को आधुनिक बनाने में मदद करने के लिये प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (Technology Upgradation Fund Scheme-TUFS) के तहत सब्सिडी के वितरण में तेज़ी लानी चाहिये। कर संरचना के मुद्दे: जटिल वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service tax) संरचना घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में वस्त्रों को महँगा और अप्रभावी बना देता है। पुरातन तकनीक: भारतीय वस्त्र उद्योग की नवीनतम प्रौद्योगिकी (विशेष रूप से छोटे उद्योगों में) तक पहुँच की सीमाएँ हैं और प्रतिस्पर्धी बाज़ार में वैश्विक मानकों को पूरा करने में विफलताएँ हैं।  स्थिर निर्यात: वस्त्र उद्योग का निर्यात पिछले छह वर्षों से 40 अरब डॉलर के स्तर...

*⭕प्रेसेना ग्लेशियर*Presena glacier

*⭕प्रेसेना ग्लेशियर* Presena glacier हाल ही में पर्यावरणीय संरक्षणवादियों के एक दल ने ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्तरी इटली में प्रेसेना ग्लेशियर (Presena Glacier) को पिघलने से रोकने के लिये इसके 100,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में जियोटेक्सटाइल तिरपाल शीट बिछाने की प्रक्रिया शुरू की। प्रमुख बिंदु: स्की सीज़न (Ski Season) की समाप्ति और ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही यह 6 सप्ताह की प्रक्रिया (ग्लेशियर संरक्षण की प्रक्रिया) प्रत्येक वर्ष दोहराई जाती है। जबकि प्रेसेना ग्लेशियर पर से तिरपाल शीट हटाने की प्रक्रिया सितंबर महीने से शुरू होती है।   स्की सीज़न (Ski Season): यह एक ऐसी अवधि है जब स्कीइंग (Skiing), स्नोबोर्डिंग (Snowboarding) एवं अन्य अल्पाइन स्पोर्ट्स स्की रिसॉर्ट के लिये अनुकूल होते हैं। स्कीइंग, बर्फ पर फिसलने के लिये स्की का उपयोग करके चलने का एक साधन है। एक स्की रिसॉर्ट स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग एवं अन्य शीतकालीन खेलों के लिये विकसित एक रिसॉर्ट है। गौरतलब है कि ग्लेशियर को ढकने के लिये जियोटेक्सटाइल तिरपाल (Geotextile Tarpaulins) का प्रयोग किया जा रहा है जो सूर्य की किरणों को परा...

आज के समय में सोशल मीडिया

एक प्रभावशाली प्रोफाइल युवाओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रही है। इसमें अत्यधिक व्यस्तता के कारण अन्य कार्यों के लिये बहुत कम समय बचता है एवं अन्य गंभीर मुद्दों की उत्पत्ति होती है जैसे ध्यान कम लगना, चिंता एवं अन्य मुद्दे। इसके अत्यधिक प्रयोग एवं गोपनीयता से निजता में कमी आती है। यह उपयोगकर्त्ता को साइबर अपराधों जैसे हैकिंग, पहचान संबंधी चोर फिशिंग अपराधों आदि के प्रति संवेदनशील बनाता है। सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी कई रूपों में किया जा रहा है। इसके जरिये न केवल सामाजिक और धार्मिक उन्माद फैलाया जा रहा है बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिये भी गलत जानकारियाँ पहुँचाई जा रही है। इससे समाज में हिंसा को तो बढ़ावा मिलता ही है, साथ ही यह हमारी सोच को भी नियंत्रित करता है। विश्व आर्थिक मंच की एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया के जरिये झूठी सूचना का प्रसार उभरते जोखिमों में से एक है। यकीनन यह देश की प्रगति की राह में रुकावट है और ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हमारी सरकार इसमें दखल कर इस पर लगाम लगाने का प्रयास करे। केंद्र सरकार ने सूचना तकनीक कानून की धारा 79 में संशोधन के मसौदे द्वारा फेसबुक और गूगल ज...

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 06 जुलाई, 2020

*⭕️📻प्रीलिम्स फैक्ट्स: 06 जुलाई, 2020* ⭕️संयुक्त राज्य अमेरिका का 244वाँ स्वतंत्रता दिवस ⭕️भारतीय संविधान का अनुच्छेद 78 ⭕️निमू 📱एलिमेंट्स मोबाइल एप *🌅संयुक्त राज्य अमेरिका का 244वाँ स्वतंत्रता दिवस* 244th Independence Day of The United States 4 जुलाई, 2020 को संयुक्त राज्य अमेरिका (United States America) का 244वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।  ⭕️प्रमुख बिंदु: 2 जुलाई, 1776 को अमेरिका की ‘कॉन्टिनेंटल काॅन्ग्रेस’ (Continental Congress) ने ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्रता के पक्ष में मतदान किया और दो दिन बाद अर्थात् 4 जुलाई, 1776 को अमेरिका की 13 कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता के घोषणापत्र को अपनाया जो थॉमस जैफरसन (Thomas Jefferson) द्वारा तैयार एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ था।    ‘कॉन्टिनेंटल काॅन्ग्रेस’ (Continental Congress) अमेरिका में 13 उपनिवेशों के प्रतिनिधियों की एक बैठक थी जो ‘अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध’ में एकजुट हुई थी। अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध (1775–1783) जिसे संयुक्त राज्य में अमेरिकी स्वतंत्रता युद्ध या क्रांतिका...

निमू Nimu

*🌿निमू* Nimu हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर में लेह (Leh) के पास निमू (Nimu) में भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए गलवान घाटी को लेकर हुए हिंसक टकराव में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।  ⭕️प्रमुख बिंदु: निमू या निम्मू लद्दाख का एक छोटा सा गाँव है जो केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के दक्षिण-पूर्व भाग में लेह ज़िले से लगभग 45 किलोमीटर दूर अवस्थित है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, 1100 लोगों की आबादी वाला निमू गाँव, सिंधु एवं ज़ास्कर नदियों के संगम पर अवस्थित है। 🌿निमू: एक पर्यटन केंद्र: यह एक लोकप्रिय पर्यटन केंद्र है क्योंकि यहाँ सिंधु एवं ज़ास्कर नदियों का संगम स्थल भी है।   इसके अलावा निमू को सिंधु नदी पर होने वाले प्रसिद्ध ‘अखिल भारतीय राफ्टिंग अभियान-दल’ (All India Rafting Expedition) के शुरुआती बिंदु के रूप में जाना जाता है। अल्ची (Alchi), लिकिर (Likir) और बास्गो (Basgo) मठ और ‘पाथर साहब गुरुद्वारा (Pathar Sahab Gurudwara) निमू के आसपास ही अवस्थित हैं। मैगनेट हिल (Magnet Hill) एक ग्रैविटी डेफायिंग रोड (Gravity Defying Road) है जो निमू से 7.5 किमी. दक्षिण...

भारत में ज़ारदोज़ी कढ़ाई का मुख्य केंद्र

ियों का प्रयोग किया जाता था। किंतु वर्तमान में शिल्पकार सोने या चाँदी की पॉलिश किये हुए तांबे के तार एवं रेशम के धागे का उपयोग करते हैं। भारत के अलावा ज़ारदोज़ी कढ़ाई ईरान, अज़रबैजान, इराक, कुवैत, सीरिया, तुर्की, मध्य एशिया, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में भी प्रसिद्ध है।  भारत में ज़ारदोज़ी कढ़ाई का मुख्य केंद्र:  भारत में ज़ारदोज़ी कढ़ाई का काम मुख्य रूप से लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, दिल्ली, आगरा, कश्मीर, मुंबई, अजमेर एवं चेन्नई में होता है। ऐतिहासिक परिदृश्य: ‘ज़ारदोज़ी’ शब्द दो फारसी शब्दों ‘ज़ार’ जिसका अर्थ है ‘सोना’ और ‘दोज़ी’ जिसका अर्थ है ‘कढ़ाई’ से मिलकर बना है। 17वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर के संरक्षण में फारसी ज़ारदोज़ी कढ़ाई को अधिक मान्यता मिली। औरंगजेब के शासन के तहत इसको मिलने वाला शाही संरक्षण बंद हो गया जिसके कारण इस कला का पतन हो गया। गुणवत्तायुक्त सेवा के लिये सड़कों की रैंकिंग  Rank Roads for Quality Service सड़कों को बेहतरीन बनाने के अपने प्रयासों के तहत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Union Ministry of Road Transport and Highways) के अधीनस्‍थ भारतीय र...

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 07 जुलाई, 2020

*📻🌒प्रीलिम्स फैक्ट्स: 07 जुलाई, 2020* ⭕️देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य ⭕️महाजॉब्स पोर्टल ⭕️ज़ारदोज़ी ⭕️गुणवत्तायुक्त सेवा के लिये सड़कों की रैंकिंग ⭕️स्टेवियोसाइड *🌿देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य* Dehing Patkai Wildlife Sanctuary 6 जुलाई, 2020 को असम सरकार ने ‘देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य’ (Dehing Patkai Wildlife Sanctuary) को एक ‘राष्ट्रीय उद्यान’ (National Park) के रूप में अपग्रेड करने का निर्णय लिया।  प्रमुख बिंदु: असम सरकार द्वारा यह घोषणा ‘देहिंग पटकाई एलीफैंट रिज़र्व’ (Dehing Patkai Elephant Reserve) में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board of Wildlife- NBWL) द्वारा कोयला खनन परियोजना के लिये कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited- CIL) को सशर्त मंज़ूरी देने के कुछ महीने बाद की गई है।  उल्लेखनीय है कि असम सरकार के इस निर्णय के बाद CIL की सहायक कंपनी ‘नार्थ-ईस्टर्न  कोलफील्ड्स’ (North Eastern Coalfields) ने क्षेत्र में सभी खनन कार्यों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। ‘देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य’ का क्षेत्रफल 111.942 वर्ग किमी. है और यह ‘देहिंग पटकाई एलीफैं...