*⭕️जलियाँवाला बाग़*

विवरण: जलियाँवाला बाग़ अमृतसर में स्थित एक ऐतिहासिक बाग़ है।राज्य:पंजाब
ज़िला:अमृतसर
भौगोलिक स्थिति:.उत्तर- 31° 37' 13.91", पूर्व- 74° 52' 49.12"
मार्ग स्थिति:जलियाँवाला बाग़ अमृतसर रेलवे स्टेशन से लगभग 2 से 3 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।
प्रसिद्धि:जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड आज भी ब्रिटिश शासन के जनरल डायर की कहानी कहता नज़र आता है, जब उसने सैकड़ों निर्दोष देशभक्तों को अंधाधुंध गोलीबारी कर मार डाला था।
कैसे पहुँचें:
हवाई जहाज़,
रेल, बस व कार
श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,
राजा सांसी हवाई अड्डा
अमृतसर रेलवे स्टेश
अमृतसर बस अड्डाटैक्सी,
ऑटो रिक्शा, रिक्शा
अन्य जानकारी:
जलियाँवाला बाग़ नामक स्थान पर 13 अप्रैल, 1919 ई. को अंग्रेज़ों की सेनाओं ने भारतीय प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर बड़ी संख्या में उनकी हत्या कर दी।
*🌒जलियाँवाला बाग़:* अमृतसर, पंजाब राज्य में स्थित है। इस स्थान पर 13 अप्रैल, 1919 ई. को अंग्रेज़ों की सेनाओं ने भारतीय प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर बड़ी संख्या में उनकी हत्या कर दी। इस हत्यारी सेना की टुकड़ी का नेतृत्व ब्रिटिश शासन के अत्याचारी जनरल डायर ने किया। जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड आज भी ब्रिटिश शासन के जनरल डायर की कहानी कहता नज़र आता है, जब उसने सैकड़ों निर्दोष देशभक्तों को अंधाधुंध गोलीबारी कर मार डाला था। वह तारीख आज भी विश्व के बड़े नरसंहारों में से एक के रूप में दर्ज है।
*⭕️जनता का आक्रोश*
गांधी जी तथा कुछ अन्य नेताओं के पंजाब प्रदेश पर प्रतिबंध लगे होने के कारण वहाँ की जनता में बड़ा आक्रोश व्याप्त था। यह आक्रोश उस समय और अधिक बढ़ गया, जब पंजाब के दो लोकप्रिय नेता डॉक्टर सत्यपाल एवं सैफ़ुद्दीन किचलू को अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। इसके विरोध में जनता ने एक शान्तिपूर्ण जुलूस निकाला। पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका और रोकने में सफल ना होने पर आगे बढ़ रही भीड़ पर गोलियाँ चला दी, जिसके परिणामस्वरूप दो लोग मारे गये। जुलूस ने उग्र रूप धारण कर लिया। सरकारी इमारतों को आग लगा दी गई और इसके साथ ही पांच अंग्रेज़ भी जान से मार दिये गए। अमृतसर शहर की स्थिति से बौखला कर ब्रिटिश सरकार ने 10 अप्रैल, 1919 ई. को शहर का प्रशासन सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल डायर को सौंप दिया। उसने 12 अप्रैल को कुछ गिरफ्तारियाँ भी कीं और कड़ी कार्यवाही करवायी।
*🌒सभा का आयोजन*
1919 ई. में भारत की ब्रिटिश सरकार ने रॉलेट एक्ट का शांतिपूर्वक विरोध करने पर जननेताओं पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी की निंदा करने और पहले हुए गोली कांड की भर्त्सना करने के लिए 13 अप्रैल, 1919 ई. को बैशाखी के दिन शाम को क़रीब साढ़े चार बजे अमृतसर के जलियाँवाला बाग में एक सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में 20,000 व्यक्ति इकट्ठे हुए थे। दूसरी ओर डायर ने उस दिन साढ़े नौ बजे सभा को अवैधानिक घोषित कर दिया था। सभा में डॉक्टर किचलू एवं सत्यपाल की रिहाई एवं रौलट एक्ट के विरोध में भाषणवाजी की जा रही थी।
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